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यूपी में बुजुर्गों से 12 करोड़ रुपये की साइबर ठगी

साइबर ठगों ने बुजुर्गों से दो साल में 12 करोड़ रुपये की ठगी की। ठगी के तरीकों में डिजिटल अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग और मोबाइल फोन हैकिंग शामिल हैं। यह घटना बुजुर्गों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

29 सितंबर 2026 • 29 सितंबर 2026स्रोत: शुक्रवार डेस्क152 बार पढ़ा गया
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यूपी में बुजुर्गों से 12 करोड़ रुपये की साइबर ठगी

उत्तर प्रदेश में साइबर ठगों ने बुजुर्गों को निशाना बनाते हुए दो साल में लगभग 12 करोड़ रुपये की ठगी की है। यह ठगी डिजिटल अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग और मोबाइल फोन हैकिंग के माध्यम से की गई है। यह घटना बुजुर्गों के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है, जो उनकी आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित कर रही है।

इस ठगी की घटनाएँ विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए चिंता का विषय हैं, जो रिटायर्ड नौसेना के अफसर, प्रोफेसर और डॉक्टर हैं। ठगों ने इन बुजुर्गों को अपने जाल में फंसाने के लिए विभिन्न तकनीकों का इस्तेमाल किया है। इसके परिणामस्वरूप, कई बुजुर्गों ने अपनी जमा पूंजी खो दी है।

बुजुर्गों के खिलाफ होने वाली इस ठगी के पीछे साइबर अपराधियों की बढ़ती संख्या और उनके द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीके हैं। डिजिटल दुनिया में बुजुर्गों की जानकारी का दुरुपयोग करना अब आम बात हो गई है। यह घटना समाज में बुजुर्गों की सुरक्षा और उनके प्रति संवेदनशीलता की आवश्यकता को उजागर करती है।

इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान नहीं आया है। हालांकि, यह आवश्यक है कि संबंधित अधिकारियों को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए। साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

इस ठगी का प्रभाव बुजुर्गों पर गहरा पड़ा है। कई बुजुर्गों ने अपनी बचत खो दी है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। इसके अलावा, यह घटना बुजुर्गों के मनोबल को भी प्रभावित कर रही है।

इस घटना के बाद, संबंधित अधिकारियों को साइबर सुरक्षा के उपायों को सख्त करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, बुजुर्गों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है।

आगे की कार्रवाई में, यह जरूरी है कि पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियाँ मिलकर इस समस्या का समाधान करें। ठगों को पकड़ने के लिए तकनीकी उपायों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बुजुर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि ने समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को भी उजागर किया है। यह घटना न केवल बुजुर्गों के लिए, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है।

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