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आईआईटी आत्महत्या केस में भूख हड़ताल जारी

आईआईटी आत्महत्या केस में साहिल के माता-पिता भूख हड़ताल पर हैं। वे डूला-केदारे की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। यह हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है।

29 सितंबर 2026 • 29 सितंबर 2026स्रोत: शुक्रवार डेस्क110 बार पढ़ा गया
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आईआईटी आत्महत्या केस में भूख हड़ताल जारी

आईआईटी आत्महत्या केस में साहिल के माता-पिता ने डूला-केदारे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की है। यह हड़ताल मुंबई में चल रही है और दूसरे दिन भी जारी है। साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में उनके माता-पिता न्याय की उम्मीद में इस कदम पर मजबूर हुए हैं।

साहिल के माता-पिता का कहना है कि डूला और केदारे के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक वे अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया है कि इन दोनों व्यक्तियों ने साहिल को मानसिक तनाव में डालने का काम किया था। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर उनके संघर्ष ने ध्यान आकर्षित किया है।

यह मामला तब सामने आया जब साहिल वाकोडे ने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद उनके परिवार ने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों ने उन्हें परेशान किया था। इस घटना ने आईआईटी बंबई में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दों को उजागर किया है। इससे पहले भी कई छात्रों ने इसी तरह की समस्याओं का सामना किया है।

साहिल के माता-पिता ने इस मामले में अधिकारियों से उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक डूला और केदारे की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

साहिल की आत्महत्या ने उनके दोस्तों और सहपाठियों में गहरा सदमा पैदा किया है। कई छात्रों ने इस घटना के बाद अपनी चिंताओं को साझा किया है और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर चर्चा शुरू की है। यह घटना छात्रों के बीच एकजुटता का प्रतीक बन गई है।

इस मामले में कुछ छात्रों ने साहिल के माता-पिता के समर्थन में आवाज उठाई है। उन्होंने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया है। यह घटना आईआईटी बंबई के भीतर एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गई है।

आगे की कार्रवाई के लिए साहिल के माता-पिता ने अधिकारियों से मिलकर अपनी मांगें रखने का निर्णय लिया है। वे चाहते हैं कि इस मामले में जल्द से जल्द न्याय मिले। इसके अलावा, वे अन्य छात्रों के लिए भी सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।

इस मामले का महत्व इस बात में है कि यह छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दों को उजागर करता है। साहिल के माता-पिता का संघर्ष न केवल उनके बेटे के लिए न्याय की मांग है, बल्कि यह सभी छात्रों के लिए एक संदेश भी है। इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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