गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया। यह दिन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जब देश महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाता है।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा कई अन्य नेताओं ने भी भाग लिया और महापुरूषों को श्रद्धांजलि दी। राजघाट पर आयोजित इस श्रद्धांजलि समारोह में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में विभिन्न धर्मों के अनुयायियों ने एकजुट होकर शांति और सद्भावना की प्रार्थना की।
महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। गांधी जी ने अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों के माध्यम से देश को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, शास्त्री जी ने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान देश को एकजुट किया और "जय जवान, जय किसान" का नारा दिया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने महात्मा गांधी और शास्त्री जी के विचारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। इस प्रकार की श्रद्धांजलि समारोहों का आयोजन देश में एकता और अखंडता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
इस कार्यक्रम का लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। देशभर में लोग गांधी और शास्त्री जी के योगदान को याद कर रहे हैं और उनके विचारों को अपनाने का संकल्प ले रहे हैं। यह दिन न केवल श्रद्धांजलि देने का है, बल्कि एक नई प्रेरणा लेने का भी है।
गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों द्वारा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। लोग बापू और शास्त्री जी के विचारों पर आधारित चर्चा और संगोष्ठियों में भाग ले रहे हैं।
आगे की योजना के तहत, सरकार ने इस दिन को और अधिक महत्वपूर्ण बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई है। अगले साल भी इस दिन को विशेष रूप से मनाने की तैयारी है, ताकि नई पीढ़ी को इन महापुरूषों के विचारों से अवगत कराया जा सके।
गांधी-शास्त्री जयंती का यह आयोजन न केवल इतिहास को याद करने का अवसर है, बल्कि यह हमें प्रेरित करता है कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। यह दिन हमें एकता, शांति और सहिष्णुता का संदेश देता है, जो आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।




