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गांधी-शास्त्री जयंती पर राजघाट पर श्रद्धांजलि

गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर राजघाट पर श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने बापू को नमन किया। यह आयोजन महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की विरासत को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

2 अक्टूबर 2026 • 2 अक्टूबर 2026स्रोत: शुक्रवार डेस्क10 बार पढ़ा गया
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गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2023 को राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य नेताओं ने महात्मा गांधी को नमन किया। यह आयोजन बापू की जयंती के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर था।

राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने बापू की समाधि पर फूल चढ़ाए और मौन रखा। इस अवसर पर देशभर से कई नेता और आम नागरिक भी शामिल हुए, जिन्होंने महात्मा गांधी और शास्त्री जी के योगदान को याद किया।

महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गांधी जी ने अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों के माध्यम से स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी, जबकि शास्त्री जी ने देश की सुरक्षा और एकता के लिए कार्य किया। इन दोनों नेताओं की जयंती पर उन्हें याद करना और उनके विचारों को आगे बढ़ाना आवश्यक है।

इस आयोजन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी के विचार आज भी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में उनके योगदान की सराहना की और देशवासियों से उनके आदर्शों को अपनाने की अपील की।

इस श्रद्धांजलि का लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। कई लोग इस अवसर पर अपने विचार साझा कर रहे हैं और गांधी जी के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं। यह आयोजन न केवल नेताओं के लिए, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

गांधी-शास्त्री जयंती के इस आयोजन के बाद, कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न संगठनों और संस्थाओं द्वारा गांधी जी और शास्त्री जी के विचारों पर चर्चा और संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम उनके विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का एक प्रयास है।

आगे की योजना में, सरकार गांधी और शास्त्री के विचारों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल करने की योजना बना रही है। यह पहल शिक्षा, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्रों में होगी। इस प्रकार, यह आयोजन एक नई दिशा में आगे बढ़ने का संकेत है।

गांधी-शास्त्री जयंती का यह आयोजन महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की विरासत को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह न केवल उनके योगदान को सम्मानित करता है, बल्कि हमें उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा भी देता है। इस प्रकार, यह आयोजन हमारे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आया है।

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