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गांधी-शास्त्री जयंती पर राजघाट पर श्रद्धांजलि

गांधी और शास्त्री की जयंती पर राजघाट पर श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने नमन किया। यह अवसर देश के लिए महत्वपूर्ण है।

2 अक्टूबर 2026 • 2 अक्टूबर 2026स्रोत: शुक्रवार डेस्क30 बार पढ़ा गया
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गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2023 को राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य कई नेताओं ने बापू के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। यह दिन महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के रूप में मनाया जाता है।

राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए नेताओं ने फूल चढ़ाए और मौन धारण किया। इस अवसर पर देशभर से लोग भी राजघाट पहुंचे और गांधी जी के विचारों को याद किया। श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित नेताओं ने गांधी जी के अहिंसा और सत्य के सिद्धांतों को याद किया।

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था, जबकि लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को हुआ। दोनों नेताओं ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गांधी जी ने अहिंसा के माध्यम से स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी, जबकि शास्त्री जी ने देश की सुरक्षा और एकता को बढ़ावा दिया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और हमें उनके आदर्शों का पालन करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने भी गांधी जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि हमें उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारना चाहिए।

इस श्रद्धांजलि का लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। कई लोग इस अवसर पर गांधी जी के विचारों को साझा कर रहे हैं और उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प ले रहे हैं। यह दिन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों द्वारा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम गांधी जी और शास्त्री जी के विचारों को फैलाने का एक माध्यम बन रहे हैं।

आगे की कार्रवाई में, सरकार और विभिन्न संगठन गांधी जी के विचारों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं की घोषणा कर सकते हैं। यह योजनाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में हो सकती हैं। इस प्रकार, गांधी जी और शास्त्री जी की जयंती पर उनके विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा।

इस प्रकार, गांधी-शास्त्री जयंती का यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर है, बल्कि यह समाज को गांधी जी और शास्त्री जी के विचारों की याद दिलाने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह दिन हमें उनके आदर्शों को अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है।

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