राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर 2 अक्टूबर को राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नई दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने महात्मा गांधी के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को साझा किया। यह कार्यक्रम गांधी की जयंती के अवसर पर हर वर्ष आयोजित किया जाता है।
राहुल गांधी ने इस मौके पर कहा कि महात्मा गांधी ने हमें अन्याय के आगे कभी न झुकने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने सत्य और अहिंसा को बापू की विरासत बताया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक है। कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर महात्मा गांधी के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और कामराज को भी श्रद्धांजलि दी।
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था और उन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। गांधी जी ने सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धांतों के माध्यम से भारत को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी शिक्षाएं आज भी विश्वभर में मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई हैं।
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। राहुल गांधी और खड़गे ने महात्मा गांधी के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन नेताओं ने गांधी जी के सिद्धांतों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम का प्रभाव आम लोगों पर भी पड़ा है। गांधी जी के विचारों को याद करते हुए कई लोग उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं। यह दिन न केवल राजनीतिक नेताओं के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर है।
गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में विशेष आयोजन किए जाते हैं, जहां गांधी जी के जीवन और उनके कार्यों पर चर्चा होती है। इस दिन को राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
आगे की योजना के तहत, कांग्रेस पार्टी गांधी जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, पार्टी ने महात्मा गांधी के सिद्धांतों को अपने राजनीतिक एजेंडे में शामिल करने का भी निर्णय लिया है।
गांधी जयंती का यह आयोजन महात्मा गांधी के विचारों को पुनर्जीवित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह न केवल भारतीय संस्कृति और इतिहास को याद करने का दिन है, बल्कि यह हमें सत्य, अहिंसा और न्याय के प्रति जागरूक करने का भी एक माध्यम है।




