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केरलम: बच्ची के पेट से निकला एक किलो बालों का गुच्छा

केरलम में एक नौ साल की बच्ची के पेट से एक किलो बालों का गुच्छा निकाला गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची 'रैपुन्जेल सिंड्रोम' से पीड़ित थी। सफल सर्जरी के बाद बच्ची को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

3 अक्टूबर 2026 • 6 दिन पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क16 बार पढ़ा गया
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केरलम में एक नौ साल की बच्ची के पेट से एक किलो बालों का गुच्छा निकाला गया। यह घटना हाल ही में हुई, जब बच्ची पेट में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची। डॉक्टरों ने सर्जरी के माध्यम से उसके पेट से यह गुच्छा निकाला।

सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची 'रैपुन्जेल सिंड्रोम' से पीड़ित थी, जो एक दुर्लभ स्थिति है। इस स्थिति में व्यक्ति अपने बालों को खींचता है, जिससे पेट में बालों का गुच्छा बन जाता है। यह गुच्छा बच्ची के पेट में काफी समय से मौजूद था, जिसके कारण उसे दर्द हो रहा था।

'रैपुन्जेल सिंड्रोम' के मामले दुनिया भर में 100 से भी कम सामने आए हैं। यह स्थिति आमतौर पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी होती है और बच्चों में अधिकतर देखी जाती है। इस मामले ने चिकित्सा समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है।

डॉक्टरों ने सर्जरी के बाद बच्ची की स्थिति को स्थिर बताया है। उन्होंने कहा कि बच्ची को अब कोई समस्या नहीं है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। यह सर्जरी सफल रही और बच्ची अब स्वस्थ है।

इस घटना का प्रभाव बच्ची के परिवार पर पड़ा है। परिवार ने राहत की सांस ली है कि उनकी बच्ची अब ठीक है। इसके अलावा, यह घटना अन्य परिवारों के लिए भी जागरूकता का कारण बन सकती है।

इस मामले से संबंधित और भी जानकारी सामने आ सकती है, क्योंकि चिकित्सा विशेषज्ञ इस स्थिति पर और अध्ययन कर रहे हैं। इसके अलावा, ऐसी स्थितियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाए जा सकते हैं।

आगे क्या होगा, यह देखना महत्वपूर्ण है। चिकित्सा विशेषज्ञ इस तरह के मामलों की पहचान और उपचार के लिए नए तरीके विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर से दुर्लभ चिकित्सा स्थितियों की गंभीरता को उजागर किया है। यह मामले न केवल चिकित्सा समुदाय के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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