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कांग्रेस ने एमपीएससी अनियमितताओं के खिलाफ मोर्चा खोला

कांग्रेस ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग में अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई है। राहुल गांधी ने छात्रों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार से जवाब मांगा है।

4 अक्टूबर 2026 • 6 दिन पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क18 बार पढ़ा गया
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महाराष्ट्र में कांग्रेस ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) में अनियमितताओं के खिलाफ मोर्चा खोला है। यह घटना हाल ही में हुई, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। इस मुलाकात में छात्रों ने एमपीएससी की परीक्षा में हुई अनियमितताओं के बारे में अपनी चिंताओं को व्यक्त किया।

कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने इस मुद्दे पर कहा कि एमपीएससी में अनियमितताओं के कारण छात्रों का भविष्य संकट में है। उन्होंने छात्रों से कहा कि उनकी आवाज को उठाया जाएगा और इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। राहुल गांधी ने छात्रों को आश्वासन दिया कि कांग्रेस उनके साथ है और उनकी समस्याओं को हल करने के लिए प्रयासरत रहेगी।

इस घटना का背景 यह है कि पिछले कुछ समय से एमपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें आ रही हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में पारदर्शिता की कमी है और कई बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इस कारण छात्रों में गहरी निराशा और आक्रोश है, जिससे यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बन गया है।

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है। पार्टी ने कहा है कि यदि सरकार इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो वे और भी बड़े आंदोलन की योजना बना सकते हैं। यह स्पष्ट है कि कांग्रेस इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और छात्रों के समर्थन में खड़ी है।

इस अनियमितता के कारण छात्रों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। कई छात्रों ने अपनी पढ़ाई और करियर को लेकर चिंता जताई है। इस मुद्दे ने न केवल छात्रों के मनोबल को प्रभावित किया है, बल्कि उनके परिवारों में भी तनाव पैदा किया है।

इस बीच, कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर अन्य राजनीतिक दलों से भी समर्थन मांगा है। उन्होंने कहा कि यह एक सामूहिक समस्या है और सभी को मिलकर इसका समाधान निकालना चाहिए। इससे पहले भी कई बार एमपीएससी में अनियमितताओं के मामले उठ चुके हैं, लेकिन इस बार छात्रों की आवाज को अधिक गंभीरता से सुना जा रहा है।

आगे की कार्रवाई के तहत कांग्रेस ने एक विस्तृत योजना बनाई है। वे छात्रों के साथ मिलकर इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा, वे इस मामले को विधानसभा में भी उठाने की तैयारी कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, यह घटना महाराष्ट्र में एमपीएससी की परीक्षाओं में पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर करती है। कांग्रेस का यह कदम छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और इससे यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक दलों को छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।

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