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असम में बाढ़ राहत पर सियासत तेज, सीएम सरमा की टिप्पणी

असम में बाढ़ राहत को लेकर सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अखिल गोगोई को श्रेय नहीं लेने देने की बात कही। उन्होंने राहत में देरी को लेकर सवाल उठाए।

5 अक्टूबर 2026 • 5 दिन पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क16 बार पढ़ा गया
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असम में बाढ़ राहत को लेकर सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में एक बयान में कहा कि वह अखिल गोगोई को राहत कार्यों का श्रेय नहीं लेने देंगे। यह बयान तब आया है जब राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में देरी हो रही है।

मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में हो रही देरी पर सवाल उठाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन कुछ मुद्दों के कारण मदद में बाधाएं आ रही हैं। इस संदर्भ में उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं का उल्लेख किया।

असम में बाढ़ की समस्या कोई नई नहीं है, यह हर साल होती है और इससे प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन पर गंभीर असर पड़ता है। बाढ़ के कारण कई लोग बेघर हो जाते हैं और फसलें बर्बाद हो जाती हैं। ऐसे में राहत कार्यों की गति महत्वपूर्ण होती है।

सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है जो राहत कार्यों में देरी के कारणों को स्पष्ट करता हो। मुख्यमंत्री सरमा ने केवल अपनी चिंता व्यक्त की है और राहत कार्यों की गति में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है।

बाढ़ से प्रभावित लोगों पर इस स्थिति का गहरा असर पड़ा है। कई लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं और उन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता है। राहत कार्यों में देरी से लोगों की समस्याएं बढ़ रही हैं।

इस बीच, राज्य में बाढ़ राहत के लिए विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा भी आवाज उठाई जा रही है। कुछ संगठनों ने सरकार से अधिक सक्रियता की मांग की है ताकि प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता मिल सके।

आगे की कार्रवाई के तहत, सरकार ने राहत कार्यों को तेज करने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह इस मामले की निगरानी करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिले।

असम में बाढ़ राहत पर चल रही सियासत और मुख्यमंत्री सरमा के बयान ने इस मुद्दे को और भी जटिल बना दिया है। यह स्थिति न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रभावित लोगों के जीवन पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है।

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