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NITI आयोग ने आयुर्वेद के लिए विश्व महासंघ का सुझाव दिया

NITI आयोग ने आयुर्वेद के लिए एक विश्व महासंघ बनाने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही, ग्लोबल रजिस्टर की स्थापना से निर्यात और चिकित्सा पर्यटन में वृद्धि की उम्मीद है। यह कदम आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

2 जुलाई 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क4 बार पढ़ा गया
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NITI आयोग ने हाल ही में आयुर्वेद के लिए एक विश्व महासंघ बनाने का सुझाव दिया है। यह सुझाव आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर तैयार की गई एक रिपोर्ट में दिया गया है। इस महासंघ के माध्यम से आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलने की संभावना है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि आयुर्वेद के लिए एक ग्लोबल रजिस्टर की स्थापना की जानी चाहिए। इस रजिस्टर के माध्यम से आयुर्वेदिक उत्पादों और सेवाओं का वैश्विक स्तर पर प्रमाणीकरण किया जा सकेगा। इससे आयुर्वेद का निर्यात बढ़ाने और चिकित्सा पर्यटन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।

आयुर्वेद का इतिहास और इसकी प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों का महत्व भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है। पिछले कुछ वर्षों में, आयुर्वेद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक ध्यान मिल रहा है। इससे पहले भी कई देशों में आयुर्वेदिक चिकित्सा की मांग बढ़ी है, जो इस क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक संकेत है।

NITI आयोग के इस सुझाव पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम करने की बात कही है। यह महासंघ और ग्लोबल रजिस्टर की स्थापना के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की संभावना है।

इस सुझाव का सीधा प्रभाव आम लोगों पर पड़ेगा, जो आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ उठाना चाहते हैं। आयुर्वेद के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा, चिकित्सा पर्यटन में वृद्धि से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

इस बीच, आयुर्वेद के क्षेत्र में कुछ अन्य विकास भी हो रहे हैं। विभिन्न आयुर्वेदिक संस्थानों और संगठनों ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। इससे आयुर्वेद की वैश्विक पहचान को बढ़ावा मिलेगा और इसके विकास में तेजी आएगी।

आगे की योजना में इस महासंघ की स्थापना और ग्लोबल रजिस्टर के कार्यान्वयन की प्रक्रिया शामिल है। इसके लिए विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

इस सुझाव का महत्व इस बात में है कि यह आयुर्वेद को एक वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि यह महासंघ और रजिस्टर सफलतापूर्वक स्थापित होते हैं, तो इससे आयुर्वेद का निर्यात और चिकित्सा पर्यटन दोनों में वृद्धि होगी। यह भारत के लिए एक नई अवसरों का द्वार खोल सकता है।

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