सोमवार, 15 जून 2026भाषा: हिंदी
शुक्रवार डिजिटल
raajneeti

RSS कार्यक्रम में VC की मौजूदगी पर माफी की मांग

केरल के मुख्यमंत्री सतीशन ने RSS कार्यक्रम में उपस्थिति के लिए उपकुलपतियों से माफी मांगी है। प्रियांक खरगे ने इस मांग का समर्थन किया है। यह घटना छात्रों के लिए संदेश पर सवाल उठाती है।

15 जून 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क2 बार पढ़ा गया
WXfT

केरल के मुख्यमंत्री सतीशन ने हाल ही में एक RSS कार्यक्रम में उपकुलपतियों की उपस्थिति को लेकर सार्वजनिक माफी की मांग की है। यह घटना उस समय हुई जब कुछ उपकुलपति इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस मुद्दे ने शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बना दिया है।

मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि RSS कार्यक्रम में उपकुलपतियों की उपस्थिति छात्रों के लिए गलत संदेश भेजती है। उन्होंने इस पर चिंता व्यक्त की और कहा कि यह शिक्षा के मूल्यों के खिलाफ है। प्रियांक खरगे ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की और मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया।

यह घटना उस समय की है जब देश में RSS की गतिविधियों पर चर्चा हो रही है। कई लोग इसे शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता के लिए खतरा मानते हैं। इस संदर्भ में, उपकुलपतियों की उपस्थिति ने कई सवाल उठाए हैं।

प्रियांक खरगे ने कहा कि छात्रों को यह संदेश नहीं मिलना चाहिए कि शिक्षा संस्थान किसी राजनीतिक संगठन के प्रभाव में हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को उचित ठहराया और उपकुलपतियों से माफी की मांग का समर्थन किया।

इस घटना का प्रभाव छात्रों और शिक्षकों पर पड़ सकता है। कई लोग इसे शिक्षा के क्षेत्र में राजनीतिक हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं। इससे छात्रों के मन में शिक्षा संस्थानों की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठ सकते हैं।

इस मुद्दे पर और भी कई प्रतिक्रियाएँ आ सकती हैं। शिक्षा जगत के विशेषज्ञों और नेताओं की ओर से इस पर चर्चा जारी है। यह देखना होगा कि क्या अन्य उपकुलपति भी इस मांग का समर्थन करते हैं।

आगे की कार्रवाई में, मुख्यमंत्री की मांग पर उपकुलपतियों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यदि वे माफी मांगते हैं, तो यह शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता पर एक बड़ा सवाल उठाएगा।

इस घटना का महत्व इस बात में है कि यह शिक्षा और राजनीति के बीच की सीमा को स्पष्ट करता है। यह छात्रों और शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि शिक्षा संस्थान राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहें।

टैग:
RSSशिक्षाकेरलराजनीति
WXfT

raajneeti की और ख़बरें

और पढ़ें →