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उत्तर प्रदेश में श्रमिकों की मांग मानी गई: न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के श्रमिकों के जोरदार विरोध प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की है। सरकार ने न्यूनतम वेतन को 13,690 रुपये से बढ़ाकर 16,868 रुपये निर्धारित किया है, जिससे श्रमिकों को काफी राहत मिलेगी।

14 अप्रैल 20262 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता0 बार पढ़ा गया
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उत्तर प्रदेश में श्रमिकों की मांग मानी गई: न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी

उत्तर प्रदेश की राजधानी क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों की मजदूरी को लेकर हुए तीव्र संघर्ष के परिणामस्वरूप प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों के उग्र प्रदर्शन के दबाव में सरकार ने न्यूनतम वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि को मंजूरी दे दी है।

इस नई घोषणा के तहत राज्य में न्यूनतम वेतन को पूर्ववर्ती 13,690 रुपये की राशि से बढ़ाकर अब 16,868 रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया है। यह वृद्धि लगभग 3,178 रुपये प्रति माह की है, जो श्रमिकों के जीवन-यापन में एक सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। यह निर्णय न केवल मजदूरों की आर्थिक स्थिति में सुधार करेगा, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक राहत साबित होगा।

श्रमिकों द्वारा संचालित इस आंदोलन से पहले, न्यूनतम वेतन की दरें काफी समय से अपरिवर्तित थीं। पिछले कुछ महीनों में मजदूरों के विभिन्न संगठनों ने न्यायसंगत वेतन की मांग को लेकर कई बार सड़कों पर उतरे थे। उनके सामूहिक प्रयासों और दृढ़ संकल्प के परिणामस्वरूप सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया।

इस नई वेतन व्यवस्था का लाभ नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत सभी श्रमिकों को प्राप्त होगा। विभिन्न उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों के खाते में अब बढ़ी हुई राशि का हस्तांतरण किया जाएगा। सरकार के इस कदम से औद्योगिक क्षेत्र में एक सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद है।

श्रम विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूनतम वेतन में यह बढ़ोतरी श्रमिकों की क्रय क्षमता को बेहतर बनाएगी और उन्हें अपने परिवार के लिए बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने में सक्षम बनाएगी। हालांकि, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि यह वृद्धि मुद्रास्फीति दरों के अनुरूप पूर्ण रूप से पर्याप्त नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से एक सकारात्मक कदम है।

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