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खरगे के विवादास्पद बयान पर बवाल: प्रधानमंत्री को 'आतंकी' कहने के बाद सफाई देनी पड़ी

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादास्पद बयान से राजनीतिक हलचल मच गई है। तमिलनाडु चुनावों को लेकर खरगे ने अन्नाद्रमुक के गठबंधन पर कटु प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री समानता में विश्वास नहीं रखते।

21 अप्रैल 20262 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता6 बार पढ़ा गया
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खरगे के विवादास्पद बयान पर बवाल: प्रधानमंत्री को 'आतंकी' कहने के बाद सफाई देनी पड़ी

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हाल के बयानों को लेकर राजनीति में खलबली मच गई है। तमिलनाडु चुनावों के संदर्भ में खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया था, जिससे विरोध के स्वर उठने लगे। इस विवाद के बाद खरगे को अपने बयान की सफाई देनी पड़ी और उन्होंने दावा किया कि उनके शब्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

तमिलनाडु की राजनीति पर चर्चा करते हुए खरगे ने अन्नाद्रमुक पार्टी के साथ बीजेपी के गठबंधन पर तीव्र आलोचना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रधानमंत्री समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास नहीं रखते हैं। खरगे के अनुसार, भारत की राजनीति में समानता का सिद्धांत तेजी से कमजोर हो रहा है और यह स्थिति काफी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार छोटी पार्टियों और क्षेत्रीय दलों के साथ अपने व्यवहार में भेदभाव बरतती है।

इस पूरे प्रकरण ने भारतीय राजनीति में एक बार फिर से विवाद की स्थिति पैदा कर दी है। विपक्षी दलों ने खरगे के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां वाकई में असमान हैं। दूसरी ओर, भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खरगे की आलोचना की है। बीजेपी के प्रवक्ताओं ने कहा कि खरगे की बातें राजनीतिक प्रचार का हिस्सा हैं और इनमें कोई तथ्य नहीं है।

तमिलनाडु चुनावों का राजनीतिक महत्व काफी अधिक है क्योंकि यहां विभिन्न क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों का सीधा संघर्ष देखा जा रहा है। कांग्रेस ने इस चुनाव को अपने राजनीतिक पुनरुद्धार का मंच बनाने की कोशिश कर रही है। खरगे के विवादास्पद बयान इसी रणनीति का एक हिस्सा माने जा रहे हैं।

राजनीति विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विवादास्पद बयान राजनीतिक प्रक्रिया को कमजोर करते हैं। हालांकि, चुनाव के समय ऐसे तीव्र बयान सामान्य माने जाते हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद का राजनीतिक प्रभाव क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।

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