भारतीय चुनाव आयोग ने आने वाले विधानसभा चुनावों की पारदर्शिता और सुचारूता सुनिश्चित करने के लिए पीठासीन अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के अनुसार, ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) उपकरणों पर किसी भी प्रकार की स्याही, गोंद, इत्र या अन्य पदार्थ लगाना एक दंडनीय अपराध माना जाएगा। चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मतदान की प्रक्रिया में कोई भी अनियमितता न हो।
चुनाव आयोग के इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य ईवीएम मशीनों की पवित्रता को बनाए रखना है। किसी भी प्रकार की बाहरी वस्तु को ईवीएम पर लगाने से मशीन की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है और यह मतदान प्रक्रिया में हेराफेरी का संकेत हो सकता है। इसलिए, चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक पीठासीन अधिकारी इन नियमों का कठोरता से पालन करे।
पीठासीन अधिकारियों को निर्दिष्ट किया गया है कि वे चुनाव केंद्रों पर ईवीएम मशीनों की नियमित जांच करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें। चुनाव आयोग के इस निर्देश का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। यह भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
चुनाव आयोग की ओर से दिए गए इस निर्देश का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस कड़े रुख से यह स्पष्ट है कि चुनाव आयोग मतदान प्रक्रिया में किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है। सभी राजनीतिक दल और पर्यवेक्षकों को भी इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न हो सकें।