परमाणु हथियार कार्यक्रम पर नियंत्रण लगाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं का दूसरा चरण पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए अमेरिकी पक्ष के प्रमुख प्रतिनिधि जारेड कुश्नर शीघ्र ही इस्लामाबाद के लिए रवाना होने वाले हैं। द्विपक्षीय संवाद को सुविधाजनक बनाने के लिए पाकिस्तान को तटस्थ और विश्वसनीय माध्यस्थ के रूप में चुना गया है।
पहले दौर की वार्ता के बाद से, दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। ईरान परमाणु समझौते को लेकर अपनी मूल शर्तों पर अडिग है, जबकि अमेरिका कुछ अतिरिक्त प्रतिबंधों को हटाने की शर्त रख रहा है। इस बीच, अमेरिकी राजनीति में भी परिवर्तन हुए हैं, जिससे जेडी वेंस के प्रभाव को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
पाकिस्तान में होने वाली यह वार्ता क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु नीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की बातचीत में पिछली बार की तुलना में कम बाधाएं आ सकती हैं, क्योंकि दोनों पक्ष एक समझौते के लिए अधिक प्रेरित दिख रहे हैं। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक स्थिति के कारण कोई भी पक्ष जल्दबाजी में कदम उठाना नहीं चाहता है।
कुश्नर का इस्लामाबाद जाना इस वार्ता की गंभीरता को दर्शाता है, क्योंकि वे ट्रांप प्रशासन के करीबी सहयोगी हैं। दूसरी ओर, ईरान के प्रतिनिधिमंडल में भी अनुभवी परमाणु वार्ताकार मौजूद होंगे। इन आगामी वार्ताओं से भारत सहित पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र के हितों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।