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पश्चिम बंगाल चुनाव: अमित शाह का कड़ा बयान, 'बंगाल में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण नहीं होने देंगे'

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान एक विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता काबिर राय को निशाना बनाते हुए कहा कि भाजपा बंगाल में साम्प्रदायिक विद्वेष की राजनीति नहीं होने देगी। शाह का यह बयान राज्य की राजनीति में गर्माहट लाने वाला साबित हुआ है।

14 अप्रैल 20263 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता0 बार पढ़ा गया
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पश्चिम बंगाल चुनाव: अमित शाह का कड़ा बयान, 'बंगाल में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण नहीं होने देंगे'

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखे अंदाज में राज्य की राजनीति पर टिप्पणी की है। शाह ने अपने प्रचार भाषणों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी बंगाल में किसी भी प्रकार की साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि वर्तमान राजस्व वितरण व्यवस्था में परिवर्तन की आवश्यकता है और राज्य को प्रगतिशील नीतियों की जरूरत है।

शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रशासनिक नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की वर्तमान सरकार विकास के मुद्दों को किनारे रखकर साम्प्रदायिक राजनीति को प्रश्रय दे रही है। शाह के अनुसार, भाजपा राज्य में सभी धर्मों के लोगों के समान विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता का अर्थ किसी धर्म को नजरअंदाज करना नहीं बल्कि सभी को समान अवसर प्रदान करना है।

कांग्रेस नेता काबिर राय को निशाना बनाते हुए, शाह ने कहा कि पुरानी राजनीतिक पार्टियां विभाजनकारी नीतियों से आगे नहीं बढ़ सकीं। उनका आरोप है कि इन पार्टियों ने सदा ही अल्पसंख्यकों को एक पक्ष में और बहुसंख्यकों को दूसरे पक्ष में रखकर राजनीति की है। शाह की तुलनात्मक आलोचना से लगता है कि भाजपा धर्मनिरपेक्ष और समान विकास की नीति का दावा कर रही है।

शाह के इस बयान का राजनीतिक विश्लेषक विभिन्न तरीकों से विश्लेषण कर रहे हैं। कुछ इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा मानते हैं, जबकि अन्य इसे साम्प्रदायिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास बताते हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में धार्मिक मुद्दे हमेशा संवेदनशील रहे हैं, और शाह का बयान इसी संवेदनशीलता को छूता प्रतीत होता है।

भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल एक महत्वपूर्ण राज्य है क्योंकि यहां की सीटें संख्या में काफी हैं। पार्टी ने 2021 के विधानसभा चुनावों में उल्लेखनीय सफलता पाई थी, लेकिन सत्ता का लक्ष्य अभी तक प्राप्त नहीं किया गया। शाह के इस आक्रामक भाषण से स्पष्ट है कि भाजपा आने वाले चुनावों में मजबूत प्रदर्शन के लिए रणनीति तैयार कर रही है।

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