दिल्ली में शीत ऋतु की सुखद स्मृतियां अब पीछे छूट गई हैं। सूर्य अपनी पूरी ताकत के साथ धरती को तपाने लगा है और राजधानी के नागरिक इस बदलती जलवायु का सामना करने को विवश हो रहे हैं। बुधवार को दिल्ली में तापमान मई के इस समय के लिए अब तक का सबसे अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है।
शहर की सड़कों पर निकलने वाले लोग सूरज की तीव्र किरणों से बचाव के लिए छाते और टोपियां लगाए हुए दिख रहे हैं। दिन के मध्य समय में जनता को घरों के भीतर रहने की सलाह दी जा रही है क्योंकि लू चलने का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को पर्याप्त पानी का सेवन करने और हल्के रंगों के कपड़े पहनने का निर्देश दिया है। वृद्ध लोगों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है क्योंकि वे गर्मी से संबंधित बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
भारतीय मौसम विभाग की पूर्वानुमान टीम के अनुसार आने वाले दो सप्ताह में तापमान में और भी वृद्धि देखने को मिलेगी। मई के अंतिम सप्ताह तक दिल्ली में गर्मी अपने चरम पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की गर्मी पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सताने वाली साबित हो सकती है। शहर की बिजली खपत में रिकॉर्ड वृद्धि देखी जा रही है क्योंकि सभी प्रतिष्ठान अपने एयर कंडीशनर और कूलर को चलाने के लिए विवश हो गए हैं।
जल आपूर्ति विभाग ने भी सतर्कता बरतते हुए आपूर्ति में वृद्धि की है। गर्मी के दिनों में पानी की मांग में तेजी से वृद्धि होती है और प्रशासन इस चुनौती के लिए तैयार है। नगरवासियों से अपील की गई है कि वे जल का सदुपयोग करें और व्यर्थ बहाव से बचें।