बीते चार दिनों से नोएडा के श्रमिक समुदाय में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर गहरी असंतुष्टि व्याप्त थी। इसी मांग को लेकर सोमवार को एक विस्फोटक स्थिति पैदा हो गई जब फेज-2 में स्थित मदरसन कंपनी के कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन शुरू किया। सुबह 9 बजे के करीब शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ यह आंदोलन देखते-देखते हिंसक भीड़ में तब्दील हो गया।
प्रदर्शनकारियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई और उनका रोष भी तीव्र होता गया। दोपहर के 12 बजे तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर निकल गई। श्रमिकों का आक्रोश इतना उग्र हो गया कि उन्होंने कंपनी परिसर में आग लगाने का प्रयास किया। इस घटना से नोएडा का पूरा परिवेश तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
प्रदर्शन 4:30 बजे तक जारी रहा, जिसके दौरान कई लोग घायल हुए और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। प्रशासनिक अधिकारियों की व्यवस्था के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल साबित हुआ। पुलिस को श्रमिकों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। यह घटना न केवल कंपनी के लिए बल्कि नोएडा क्षेत्र के औद्योगिक माहौल के लिए भी चिंताजनक साबित हुई।
श्रमिक नेताओं का कहना है कि उनकी वेतन वृद्धि की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। कंपनी प्रबंधन की ओर से अभी तक किसी समझौते का कोई संकेत नहीं मिला है। इस घटना के बाद नोएडा प्रशासन और औद्योगिक इकाइयों के बीच तनाव बढ़ गया है। आशा है कि आने वाले दिनों में संबंधित पक्षों के बीच वार्ता के माध्यम से इस विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके।