भारतीय जनता पार्टी ने भारतीय चुनाव आयोग के समक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के विरुद्ध एक औपचारिक शिकायत दायर की है। शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में खरगे के कथित आपत्तिजनक बयान से संबंधित है। भाजपा का दावा है कि खरगे ने अपने बयान में निर्वाचन आचार संहिता के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन किया है।
भाजपा के अनुसार, खरगे के बयानबाजी ने प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया है और ये बयान पूरी तरह से निर्वाचन आचार संहिता की सीमाओं के बाहर हैं। पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वह इस मामले की गंभीरता से जांच करे और खरगे के विरुद्ध उचित कार्रवाई करे। भाजपा का तर्क है कि राष्ट्रीय चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है।
यह घटना भारतीय राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण का एक और उदाहरण है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान विरोधी पक्षों के बीच तीव्र आलोचनाएं और प्रत्यालोचनाएं आम बात होती हैं, लेकिन ये सभी निर्वाचन आचार संहिता के दायरे में होनी चाहिए। भारतीय चुनाव आयोग को इस तरह की शिकायतों की जांच करना और सभी पक्षों को निष्पक्ष तरीके से सुनना अपना कर्तव्य माना जाता है।
कांग्रेस पार्टी की ओर से अभी तक इस शिकायत पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है। यह माना जा रहा है कि कांग्रेस अपनी ओर से चुनाव आयोग में प्रतिक्रिया देगी और अपनी बातों को स्पष्ट करेगी। चुनाव आयोग को अब इस मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच करनी होगी और सभी पक्षों के बयान सुनने के बाद अपना निर्णय लेना होगा।