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प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कांग्रेस का विशेषाधिकार हनन नोटिस, वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। वेणुगोपाल का आरोप है कि प्रधानमंत्री द्वारा सांसदों के खिलाफ की गई टिप्पणियां संसद के नियमों का उल्लंघन करती हैं। यह विवाद संसद में राजनीतिक तनाव को और गहरा करने वाली घटना है।

21 अप्रैल 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता0 बार पढ़ा गया
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प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कांग्रेस का विशेषाधिकार हनन नोटिस, वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र

कांग्रेस पार्टी के नेता केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। वेणुगोपाल का यह कदम संसद में हाल की कुछ घटनाओं के बाद उठाया गया है जहां प्रधानमंत्री द्वारा की गई टिप्पणियों को संवैधानिक मानदंडों के विरुद्ध माना जा रहा है।

वेणुगोपाल के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में सांसदों के संबंध में ऐसी टिप्पणियां की हैं जो संसदीय विशेषाधिकार के प्रावधानों का उल्लंघन करती हैं। कांग्रेस के इस वरिष्ठ नेता ने अपने पत्र में गंभीर सवाल उठाए हैं और यह मांग की है कि संसद अध्यक्ष इस मामले में तुरंत संज्ञान लें। वेणुगोपाल के अनुसार, यह घटना संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ एक गंभीर उल्लंघन है।

संसदीय विशेषाधिकार कानून के तहत, संसद के सदस्यों को अपने कर्तव्यों के निष्पादन के दौरान सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसका मतलब है कि सांसदों की आलोचना करते समय निश्चित नियमों का पालन किया जाना चाहिए। कांग्रेस का दावा है कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई टिप्पणियां इन नियमों का उल्लंघन करती हैं और इसलिए एक औपचारिक नोटिस दिया जाना चाहिए।

यह विवाद वर्तमान संसद सत्र में राजनीतिक तनाव को बढ़ाने वाली एक और घटना है। पिछले कुछ समय से सरकार और विपक्ष के बीच संसद में कई मुद्दों पर तीव्र संघर्ष देखा जा रहा है। कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार संसदीय परंपराओं का सम्मान नहीं कर रही है।

लोकसभा अध्यक्ष का कार्यालय अब इस पत्र को संसद के नियमों के तहत समीक्षा करेगा। यदि विशेषाधिकार हनन का आरोप मान्य पाया जाता है तो संसद में इस संबंध में उचित कार्यवाही की जा सकती है। इस पूरे मामले के राजनीतिक निहितार्थ काफी गंभीर हैं और आने वाले दिनों में इस पर गहन बहस होने की संभावना है।

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