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बिहार में बीजेपी की नीतियों पर रोहिणी आचार्य का तीखा प्रहार, कही ये बड़ी बातें

लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बिहार की राजनीति में बीजेपी की भूमिका पर कड़ी आलोचना की है। उन्होंने पार्टी के नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने बिहार को एक बंजर भूमि में तब्दील कर दिया है। आचार्य की इन टिप्पणियों से बिहार की राजनीति में खलबली मच गई है।

14 अप्रैल 20264 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता2 बार पढ़ा गया
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बिहार में बीजेपी की नीतियों पर रोहिणी आचार्य का तीखा प्रहार, कही ये बड़ी बातें

बिहार की राजनीति में एक बार फिर से तूफान खड़ा हो गया है। इस बार का कारण हैं लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा की गई बीजेपी के खिलाफ तीखी आलोचना। राजद की इस प्रभावशाली सदस्य ने न केवल बीजेपी की नीतियों को निशाना बनाया, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। रोहिणी के इन बयानों ने राजनीतिक हलकों में काफी बहस छिड़ दी है।

रोहिणी आचार्य ने अपने एक बयान में बिहार को 'बीजेपी की बंजर बगिया' कहा है। इस कथन के जरिए उन्होंने दक्षिण बिहार के विकास पर सवाल खड़े किए हैं। उनका मानना है कि बीजेपी की सरकार आने के बाद से बिहार का विकास रुक गया है और जनता को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। आचार्य ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कोई महत्वपूर्ण प्रगति नहीं हुई है।

रोहिणी ने बीजेपी के प्रमुख नेताओं, विशेषकर सम्राट चौधरी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने चौधरी को 'घूमंतु' तक कह दिया है, यानी ऐसा नेता जो केवल राजनीतिक फायदे के लिए इधर-उधर घूमता है लेकिन अपने क्षेत्र के लोगों के लिए कुछ नहीं करता। रोहिणी के अनुसार, ये नेता जनता को केवल झूठे वादे देते हैं और चुनाव जीतने के बाद उन्हें भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के ये नेतृत्व बिहार के विकास में बाधा बन रहे हैं।

राजद की ओर से आई इस आलोचना के जवाब में बीजेपी के समर्थकों ने भी अपने तर्क प्रस्तुत किए हैं। वे कहते हैं कि राजद की सरकार के दौरान बिहार की हालत और भी खराब थी। बीजेपी के कार्यकर्ताओं का मानना है कि पिछले कुछ सालों में विकास के क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह प्रगति केवल कागजों पर ही सीमित है और जमीनी हकीकत कुछ और ही है।

बिहार की राजनीति में यह आरोप-प्रत्यारोप एक सामान्य बात बन गई है। लेकिन रोहिणी आचार्य जैसे प्रभावशाली परिवार से आने वाले नेताओं की ये तीखी आलोचना बीजेपी के लिए एक चुनौती साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में इस विवाद के और भी बढ़ने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में चल रहे इस राजनीतिक संघर्ष का असर आने वाले चुनावों पर जरूर पड़ेगा।

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