भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के कुल्टी शहर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इस जनसभा में शाह ने क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए वर्तमान सरकार की नीतियों की आलोचना की। शाह के अनुसार, कुल्टी कभी भारत के खनन और औद्योगिक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र था, जहाँ लौह अयस्क का खनन बड़े पैमाने पर होता था।
शाह ने अपने भाषण में कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार के शासनकाल में इस ऐतिहासिक शहर की समृद्धि में भारी कमी आई है। उन्होंने बताया कि खान बंदी होने और औद्योगिक गतिविधियों में ठहराव के कारण कुल्टी की अर्थव्यवस्था काफी प्रभावित हुई है। शाह ने दावा किया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण हजारों मजदूर और कामगार बेरोजगार हो गए हैं। क्षेत्र की बुनियादी ढांचे की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है, जिससे स्थानीय जनता का जीवनस्तर गिरता गया है।
भारतीय जनता पार्टी के नेता ने जनता से आह्वान किया कि वे पार्टी के विकास एजेंडे का समर्थन करें। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार के तहत जो परियोजनाएं शुरू की गई हैं, उनसे पश्चिम बंगाल के विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने बीजेपी की सरकार आने पर राज्य में बेरोजगारी दूर करने, खनन को पुनः शुरू करने और औद्योगिक विकास को गति देने का वादा किया।
शाह के भाषण का मुख्य संदेश यह था कि तृणमूल कांग्रेस सरकार की नीतियों से राज्य आर्थिक रूप से पीछे रह गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आने पर कुल्टी सहित पूरे बंगाल का विकास होगा। उनके अनुसार, बीजेपी की नीतियां रोजगार सृजन, अवसंरचना विकास और औद्योगिकीकरण पर केंद्रित हैं। इस चुनावी रैली में शाह की बातें स्थानीय मतदाताओं के लिए एक संदेश के रूप में थीं।