कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण को लागू करने में बार-बार देरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। रमेश ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा भेजे गए पत्र का संदर्भ देते हुए कहा है कि सरकार परिसीमन प्रक्रिया को पूरा होने का बहाना बनाकर महिला आरक्षण विधेयक को आगे बढ़ाने में विलंब कर रही है।
जयराम रमेश के अनुसार, महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में समान प्रतिनिधित्व देने के लिए महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रश्न उठाया है कि जब परिसीमन प्रक्रिया अभी चल रही है, तो सरकार महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत संसद में पेश करने में क्यों नहीं सक्षम है। रमेश का मानना है कि यह एक राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी का मामला है।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने अपने पत्र में सरकार को महिला आरक्षण विधेयक को तुरंत पेश करने के लिए दबाव डाला था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गांधी परिवार के इस कदम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
जयराम रमेश के आरोप के बाद से सरकार की नीयत को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन से अलग रखा जा सकता है। सरकार को चाहिए कि वह महिलाओं के अधिकारों को प्राथमिकता दे और इस विधेयक को जल्द से जल्द संसद में पेश करे। महिला आरक्षण का मुद्दा न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक न्याय का भी प्रश्न है।